राम का सुमिरन करो (हरि गीतिका छंद)
राम का सुमिरन करो (हरि गीतिका छंद) मन हो रहा व्याकुल कभी जो, राम का सुमिरन करो।हरते सभी वे कष्ट जन के, तुम किसी से मत डरो।।हनुमान जैसे भक्त बन कर, छवि हृदय में तुम धरो।फिर दरश श्री रघुनाथ के हों, जन्म मनु सार्थक करो।। मन हो रहा व्याकुल कभी जो, राम का सुमिरन करो…. […]
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