राम बसे चहुँ-ओर
राम बसे चहुँ-ओर मगर हम ढूँढे अपने अंदर राम शायद हो पाएँगे हमसे फिर थोड़े से बेहतर कामलोग कई हैं ख़ास यहाँ पर लेकिन अपना ईश्वर आमयाद जिसे कर सकते हैं बिन जाए कहीं बिन देकर दाम हर मन पावन हर दिल निर्मल हर घर हो इक सुंदर धामकाश सँवर जाए ये दुनिया काश चराग़ां […]









