वापसी
वापसी *** वापसी की आस में निज नयन दीपक सजाएद्वार पर बैठी है उर्मि राह में पलकें बिछाए पीर है बिरह की, बिरहनजी रही इस आस मेंलौट के आएंगें लक्ष्मणबस इसी विश्वास में मन मे मूरत है लखन कीलब पे लक्ष्मण नाम हैसांत्वना देती है खुद को साथ उनके राम है # अमिताभ शर्मा









