Shri Rammandir Kavya

राम विवाह

दो नैन रघुनाथ के दो नैन जानकी के ऐसे समाये चार नैन एक हो गए सखियां भी घूर रही लक्ष्मण जी लखा रहे दुनिया को मोहने वाले आज मोहित हो गए फूलों को चुन टोकरी में डाल रहे दूजे क्षण निकाल रहेविस्मित हुए से खड़े जानकी को निहार रहे नैना सिया में खोए अधर मुस्काए […]

राम विवाह Read More »

श्री राम बनवास

श्री राम रूप मुनि का धरबन निकल रहे हैं। देखो अवध के राजाबन बन भटक रहे हैं।। महलों की राजरानीसीता चली है संग में।पैरों में उनके कांटेपग पग पे चुभ रहे हैं।। लक्ष्मण जी बन के सेवकश्री राम के चले हैं।महलों में उर्मिला केअश्रु छलक रहे हैं।। दशरथ जी होके व्याकुलश्री राम को पुकारें।मेरे राम

श्री राम बनवास Read More »

!! अयोध्या पति की सेवा में !!

श्री रामचंद्र रंग भीना मेरा मन हर लीना जी। मेरा मन हर लीना जी मेरा मन हर लीना जी। सिर पर स्वर्ण मुकुट है भारी, शोभा मुख मंडल की न्यारी। तन पर इत्र लगायो है हिना, मेरा मन हर लीना जी।। मूरत श्याम रंग की शोभित, दर्शन कर सब होते मोहित। जामा पीत रंग का

!! अयोध्या पति की सेवा में !! Read More »

पावन बेला

आई है पावन बेला, मंगल है यह घड़ी, चहुँ ओर से सज गई ,देखो अयोध्या नगरी । गर्भ गुफा मे विराजेंगे, इसी माह प्यारे राम लला, प्रभु के मनोहर बाल स्वरूप के, दर्शन की ललक है सबको लगी। होगा मंगलगान ,बजेंगे डोल खड़़ताल, आरती, धूप, दीप ,शंखनाद की लगेगी छड़ी। प्रभु राम की कृपा, बरसेगी

पावन बेला Read More »

राधिका छंद में एक कृति माँ शारदे को समर्पित

(लय–दुख हरो द्वारिका नाथ, शरण मै तेरी) ********प्रभु राम लीन्ह अवतार , कोशला धामा।हरि रखा चतुर्भुज रूप,सोह अभिरामा।।ब्रम्हाण्ड कोटि प्रति रोम , कहे श्रुति वेदा। साधक सम साधन साध्य, न कोई भेदा।। जब लखा अलौकिक रूप, मात अनुमाना। है झूँठ रहे मम गर्भ , राज सब जाना ।।यह हरि इच्छा मन मानि ,सहज सुखु माना।प्रभु

राधिका छंद में एक कृति माँ शारदे को समर्पित Read More »

प्रभु सियाराम वन से अवध आगमन पर

सियाराम लखन घर आई रे,अवध में बंटत बधाई रे।जनम जनम के पुण्य उदित भए,पूरण हुई सकलाई रे।हर्ष निनाद चहुं दिश गुंजित,जीव जगत हर्षाई रे।। मंगल चौक पुरावो री सजनी,जगर मगर दीपावली रजनी।वंदनवार पताका लड़ियां,झालर दीप जलें फुलझडियां।मुक्ता कलश रंगोली घर घर,अंगना दीप जलाई रे।।सियाराम लखन घर आई रे। ढ़पली ढ़ोल मृदंगा बाजें,मंगल कीर्तन गायन गाजें।ढ़ोलक

प्रभु सियाराम वन से अवध आगमन पर Read More »

करुणा का जहां भी नाम आया, प्रभु राम का वहां नाम आय

( करुणा राम की) करुणा का जहां भी नाम आया,प्रभु राम का वहां नाम आया।ऐसे करुणाधारी पर आज,मेरा मन खोज उपहार लाया। पीड़ा निर्वासन की सह सहकर,तन मन कभी न हुए विचलित,कर्म से कभी न हुए विरत ,याद रहे सदा अपने वचन। चमकता सूर्य का तेज अंग अंग,करुणा प्रेम वीरता का संगम,शुद्ध विचारों से है

करुणा का जहां भी नाम आया, प्रभु राम का वहां नाम आय Read More »

हम सब ने मन के मन्दिर में दीप जलाए हैं

हम सब ने मन के मन्दिर में दीप जलाए हैं आज अयोध्या नाथ अयोध्या वापस आए हैं हम——- कितने हर्षित नादिया , सूरज, चाँद, सितारे हैं फूलों ने खुद परम पूज्य के पाओं पखारे हैं कलियों ने भी मधुरिम मधुरिम गीत सुनाए हैं आज —— कौशल्या के दशरथ के वो राज दुलारे हैं भक्त जनों

हम सब ने मन के मन्दिर में दीप जलाए हैं Read More »

बरसों बाद राम बिराजे

बरसों बाद राम बिराजे,बाजत ढोल,मृदंग और बाजे। सारी अवध में भया उजियारा,बैठा सिंहासन दशरथ प्यारा। मथुरा,पुरी,उज्जैन और काशी,देत बधाई सब भारतवासी। बरसों बरस जो तक रही आँखें,आज पुलकित हों भर आई आँखें। आज अवध में कोलाहल भारी,देस-बिदेस से पधारे नर-नारी। सफल हुआ ये उसका जीवन,करे इक बार जो राम के दर्सन। बहुत तरस ली अब

बरसों बाद राम बिराजे Read More »

स्वागत में

राम आपके स्वागत में अनेकों दीप जलाऊ द्वारे खीर पूड़ी बनाऊं रुचि रुचि भोग लगाऊं।। लक्ष्मण आपके स्वागत में अनेकों रंगोली बनाऊं द्वारे दीपों से अंगना सजाऊं रोशनी से दीवारें सजाऊं।। सिते आपके स्वागत में मिठाइयां अनेकों बनाऊं दीपमाला से घर सजाऊं मिटे मिटे मालपूए बनाऊं।। प्रिय वर आपके स्वागत मेंकोई चांद अमावस मेंगिरे नयनों

स्वागत में Read More »