राम की महिमा
राम तुम्हारे ह्रदय में, सारा जगत समाया।सत्य, धर्म, और त्याग का तुम्हीं ने, जीवन का पथ दिखाया। मर्यादा की मूरत तुम, आदर्शों के दीप हो।दुख में भी मुस्कान रचते, मिसाल में अनुपम हो। वन-वन में तुमने कष्ट सहे, पर धर्म न छोड़ा।प्रजा के खातिर राज तजा, हर बंधन को तोड़ा। शबरी के जूठे बेर चखे, […]









