अवध में आए हैं मेरे प्रभु राम रे
सखी दीवाली मनाओ सुबह-शाम रेअवध में आए हैं मेरे प्रभु राम रेढोल मंजीरों की सुनाओ री तान रेअवध में आए हैं मेरे प्रभु राम रे। मैं तो सदियों से देख रही बाट रे खोले बैठी हूं दिल के कपाट रेलला आएंगे तो चूमूंगी ललाट रेफूलों से सजेगा पूरा अयोध्या धाम रेअवध में आए हैं मेरे […]
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