Shri Rammandir Kavya

राम सा कोई बन के तो दिखाए

राम सा कोई बन के तो दिखाए मेरे राम पर उँगलियाँ उठीं हैं, कथाएँ मिथ्या कुछ गढ़ी गईं हैं ।उँगलियाँ जिन लोगो नें उठाई हैं,वो धर्मनिरपेक्ष हैं ,साम्यवादी हैं ।कहने को कहलाए बुद्धिजीवी हैं, भीतर से किंतु निरे भोगवादी हैं।निराधार तर्क कुतर्क हैं उनके ,बातों में बहुत अनर्थ हैं उनके ।कहें वो राम नें सीता […]

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राम अवध में पधारे

शीर्षक – राम अवध में पधारे राम भवन में पधारे ,आओ दीपक जलाएंगे।।आए दिन ये सुखारे, आओ दीपक जलाएंगे।। जन्म तुम्हारा हुआ अवध मेंनर नारी सब नाचे अवध में ढोल मंजीरा बाजन लगे खबर यह सबको सुनायेंगे।। आओ दीपक जलाएंगे।।राम भवन में पधारे ,आओ दीपक जलाएंगे।। 1 राम लला भैयन संग खेलें ।कागभुशुण्डि भी संग

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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम लगाए बैठी आस, मुझे मेरे राम मिलेंगे।ढूंढती चारों धाम, मुझे मेरे राम मिलेंगे।लगा बैठी हूं धुन ,मुझे मेरे राम मिलेंगे।बिछाए बैठी नयन,मुझे मेरे राम मिलेंगे।। लाखों दुखों को झेल ,मुझे मेरे राम मिलेंगे।सखियां करें उपवास ,मुझे मेरे राम मिलेंगे।सुनाऊं तेरी बात ,मुझे मेरे राम मिलेंगे ।रट रही तेरा नाम ,मुझे मेरे नाम

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जय श्री राम

जय श्री राम —————व्याकुल ह्रदय है विकल मन तन दग्ध रहा निष्फल है काम तिमिर घन के अन्तर्मन में रोशनी को भी लिया हो थाम आस एक विश्वास तुम धूमिल राह करो आसान बद्ध करो द्वि हस्तो को नत मस्तक बोलो जय श्री राम.. संशय ग्रस्त हुआ मन मन्दिर अगणित कंटक अवरुद्ध काम विचलित मन

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अयोध्या में राम आये हैं

  अयोध्या में राम आये हैं आओ घर घर मनाएं दिवालीअयोध्या में राम आये हैं।ये दिवाली हो त्रेता वालीअयोध्या में राम आये हैं। राम जी आये, लखन जी आये,साथ जगत जननी को लाए,आयी घर घर में नई खुशहाली,अयोध्या में राम आये हैं।आओ घर घर मनाएं दिवालीअयोध्या में राम आये हैं। दुष्ट दलन कर प्रभु जी

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कुम्भकर्ण लंका से अब

कुम्भकर्ण लंका से अब,रण मे जाता है यह देखो।डगमग डगमग पर्वत डोले,कि धरा मे कम्पन है देखो,,भगदड़ मचती है सेना मे,अद्भुत यह महासमर देखो,, हरि से मैत्री निभाने को,निज भाई को समझने को,भीषण विध्वंस बचाने कोमेत्र्ति का सनदेशा लाया,भाई के सम्मुख है आया,, दो बन्धु मिले, दो सखा मिले,दो भ्राता मिलते है देखो,,संवाद हुआ क्या

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नहीं मात्र हनुमान केसबके चित में राम हैं

*नहीं मात्र हनुमान केसबके चित में राम हैं* राम रात्रि,राम दिवस,राम भोर शाम हैंराम भाव,राम अनुभूति,राम प्रेम अनुराग हैंराम वचन,राम सोच राम कर्म परिणाम हैं राम भगति,राम शक्ति,राम ज्ञान विज्ञान हैंराम शब्द,राम अर्थ,राम जनकल्याण हैंनहीं मात्र हनुमान के,सबके चित में राम हैं।। राम तीरथ,राम पूजा राम चारों धाम है राम गरिमा,राम महिमा राम गौरव गान

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क्यों भूल रहे हैं आज हमआदर्श हमारे राम हैं।

श्री राम क्यों भूल रहे हैं आज हमआदर्श हमारे राम हैं।लड़ते सदा पापियों से संघर्ष हमारे राम हैं।राम मिले हैं निर्मलता की छांव मेंराम मिले हर शहर गली व गांव में।। राम बसे हैं कण कण मेंसरवन के भी नीर में।राम बसे हैं रामायण मेंलक्ष्मण वाले तीर में।राम बसे हैं मा सती अनुसुइया मेंराम मिले

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शीर्षक-बाबाजी ने झंडी फेरी

शीर्षक-बाबाजी ने झंडी फेरी बाबाजीने झंडी फेरी किस्मत बदलगई। राम गए मन में रावण सिया चुराइलई। सिया सुधिलाने की सौगंध खाइलई।। अंजनी मांने जन्मे उनकीकोख धन्यभईपवन खिलाय गोद उनकीगोद धन्यभई। लंका को पार करके मुदरी गिराइ दईरोती हुई सिया माँ को धीर बँधाइ दई। वन-फल खाए और वाटिका उजाड़ दई कछु रखवाले मारेकछुकोमूर्छाआइगई। रावण खिसिआय

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वैदिक शिक्षा पूर्ण करके

वैदिक शिक्षा पूर्ण करके, जब हुए राम 17 वर्ष के।राज्यभिषक की पूर्व संध्या पर, कैकई की कठोर वाणी से।आदेश हुआ श्री दशरथ जी का, जाना है तुझे राम वनवास।पाकर आज्ञा पिता दशरथ जी की, हुए तैयार जाने को वनवास।माता कोशिल्या से छिपाई सच्चाई, बहाना था जंगल का राज।राज पाट की मोह माया से, हुए दूर

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