जय श्रीराम
मर्यादा पुरुषोंत्तम राम जल्दी फिर आना होगा।धरती मे फिर रावण हो गए, अहंकार मिटाना होगा।………… न छोटा ना बड़ा यहां पर सब अपनी सीमा भूल गए ।हर बात में बेटा बाप को शिक्षा देने खड़े हुए। आ जाओ मेरे रामलला धरती मां रोती है ।पेड़ पौधे नित्य कट रहे हवा नहीं अब बहती है । […]







