रामलला
रामलला ,गीत 16,14धन्य हुआ भारत अपना है,जगमग सारा महक रहा।राजा दशरथ के घर जन्में,अयोध्या अब चहक रहा।। युगो युगो तक राह तकी जब,राम पधारे है प्यारे।मंगल गाए मिल नर नारी,छवि देख बलैया वारै।।आज महोत्सव अवध मनाए,दिवाली सा चमक रहा।लखन जानकी संग चले दो,महल अंगना दमक रहा।धन्य.. घर घर बजते ढोल नगाड़े,रंगोली घर द्वार सजी।झूम झूम […]




