Shri Rammandir Kavya

राम नाम अनमोल है

राम नाम अनमोल है, भजो राम ही राम।राम सुखों के मूल हैं, राम सुखों के धाम।। नदियों में गंगा नदी, तीर्थों में हरिद्वार।नगरों में अवध नगरी,लिए राम अवतार।। राम प्राण है देश के, राम सकल जग धाम।राम राम हैं राम के,कण कण में प्रभु राम।। वर्णन भलाई का करो, तजो बुरे सब काम।मन का रावण […]

राम नाम अनमोल है Read More »

शान्ति के प्रस्ताव जब ठुकराए गये

शान्ति के प्रस्ताव जब ठुकराए गये,शान्ति के हल सदा युद्ध से पाए गये।रावण का अभिमान जब बढने लगा,मानमर्दन को हनुमान थे पठाए गये ।।1।। मर्यादा पुरषोत्तम जब उकसाये गये,विनय छोड़,धनुष बाण उठाये गये।राम को भी श्री राम बनने के लिये थे युद्ध के कौशल,सिखलाये गये।।2।। शान्ति के प्रस्ताव होते हैं निरर्थक ,जब तलक शक्ति से

शान्ति के प्रस्ताव जब ठुकराए गये Read More »

राम वो जिससे जगता है पूरा भारत

#रामराम वो जिससे जगता है पूरा भारतराम वो जिससे भारत लगता है भारत राम की खुशबू उत्सव के पकवानों मेंराम वही जो लेटा खेत -बथानों में राम वही जो स्वामी है सबके मन काराम वही जो तुलसी मेरे आंगन का राम वही जो स्थित कुटी, मकानों मेंराम फसल वो गाये जो खलिहानों में राम विराजित

राम वो जिससे जगता है पूरा भारत Read More »

सीता-गाथा

सीता-गाथा                           सीतामही से विश्व पटल तक तेरे ही कारण है कीर्ति हमारी, कहती है दुनिया की देखो ये आई सीतामही से सीता कुमारी, लव-कुश जैसे ही घूम-घूम के गायेंगे गुण तेरे जनक दुलारी, सब को बतायेंगे धर्म की बातें, सब को सुनायेंगे बातें तुम्हारी। सीतामही की भूमि से निकली, जनक ने पुत्री मान लिया था, शिव का धनुष जब तुमने उठाया,

सीता-गाथा Read More »

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम*******श्रीराम से हमारी संस्कृति सभ्यता की पहचान है,ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम से , देश हुआ महान है। जब हुए अवतरित जग में , चहुँ ओर खुशी छा गई ।जननी कौशल्या को उनकी, अनुपम छवि भा गई । लोक मंगल की कामना लिए , अपना जीवन समर्पित किया । ना की अपेक्षा किसी से

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम Read More »

राम तुम फिर धरती पर आओ

राम तुम फिर धरती पर आओ पुष्पक पर मत बैठे रह जाओ रघुनंदन तुम उतर कर आओ मल्लाहों और शबरी के संग फिर से तुम कुछ प्रीत दिखाओ। रावण फिर आज मुखर हुए हैं आकर इनका मर्दन कर जाओ लंका जिनकी स्वर्ण जटित है उनको अग्नि कुंड दिखाओ। मानवता पर छाया है संकट दुष्टों ने

राम तुम फिर धरती पर आओ Read More »

राम राज्य

राम राज्य सत्य सनातन का परचम।जब सारे जग में लहराएगा।।उस दिन मानों धरती पर।एक नया सवेरा आएगा।। गूंजेगी वेद ऋचाएं और।सब राम मय हो जाएगा।।उस दिन मानों की…….… भावना से परहित की।जग स्वार्थ रहित हो जाएगा।उस दिन मानों की…….… चलकर राम के आदर्शों पर।सब मंत्रमुग्ध हो जाएगा।।उस दिन धरती पर मानो…….. जब उर्मिल सा तप

राम राज्य Read More »

राम नाम की माला थामी

राम नाम की माला थामी,रोम-रोम रस,ताल हो गया।चित्त में चित्र लगे रघुवर के,जीवन माला-माल हो गया। मन भाया राम रतन धन थैली,अब न ओढ़ूँ चादर मैली।कान पकड़ कर बोले नीरद,अन्तिम है यह ग़लती पहली । रंग बिरंगा भ्रम का पथ है,दिन दिन करते साल हो गया। चुम्बक जैसा मोह जगत है,मस्तक मस्तक अपना मत है।अजहु

राम नाम की माला थामी Read More »

राम वो हैं

राम वो हैं राम वो हैं, विषम को भी सम जो करें।राम वो हैं, जगत का तम जो हरें । राम वो हैं, अहल्या का शाप हरे ।राम वो हैं, जो पितृज्ञा जाप करे । राम वो हैं, जो ताज का त्याग करे । राम वो हैं, जो राज का त्याग करे । राम वो

राम वो हैं Read More »

कैकेई

कैकेई मंथरा की कूटनीति ने कैकेई की मति को भ्रष्ट कियाकैकेई ने राम प्रेम भूल तब रघुकुल को गहरा कष्ट दिया! वो भूल गई कि अर्धरात्रि को राम चिहुंक के उठते थे“मझली माता… मझले माता”पुकार ,भूमि पर रपटते थे! राम को चिपटा सीने से तब कौशल्या विकल हो जाती थींबेचैन पुत्र को गोद ले,कैकेई के

कैकेई Read More »