कैकेयी ने फूल दिये कांटों की डगर नहीं
कैकेयी ने फूल दिये कांटों की डगर नहींकब राम हो गये राम, राम को खुद भी खबर नहीं राजतिलक की सुन तैय्यारी कैकेयी घबराईकहीं भटक ना जाये निज उद्देश्य से रघुराईअगर हो गया राजतिलक रघुवर बंध जायेगेधरती को कैसे दुष्टों से मुक्त करायेंगेदुनिया देगी ताना पर उद्देश्य ना जानेगीराम हमें हैं जान से प्यारा वो […]
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