चरणों को छूने का मन हो,
चरणों को छूने का मन हो, तो कैसे हम छुए पाएं।हे राम बता दो वह रस्ते,जो तुम तक पहुंचाएं। तुम प्रेम स्रोत हो मेरे प्रभु नाम तिहारा मैं भजती ।शबरी, मीरा, सीता जैसीभक्ति नंही मुझको आती।अनुपम पावन पावनतम होहर रूप तुम्हारा अद्भुत है पर दर्शन क्यों दुर्लभ हैं।किस भांति करूं तेरी पूजासोच ये अखिंयाँ भर […]
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