Shri Rammandir Kavya

चरणों को छूने का मन हो,

चरणों को छूने का मन हो, तो कैसे हम छुए पाएं।हे राम बता दो वह रस्ते,जो तुम तक पहुंचाएं। तुम प्रेम स्रोत हो मेरे प्रभु नाम तिहारा मैं भजती ।शबरी, मीरा, सीता जैसीभक्ति नंही मुझको आती।अनुपम पावन पावनतम होहर रूप तुम्हारा अद्भुत है पर दर्शन क्यों दुर्लभ हैं।किस भांति करूं तेरी पूजासोच ये अखिंयाँ भर […]

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कृपालु राम

कृपालु राम…………… मेंरे दिल में सदा राम सरकार होमुख में दशग्रीवहंता की जयकार हो। राम रघुवर कृपालु को शत शत नमनप्रार्थना मेरी रघुवर को स्वीकार हो। बन के सेवक रहूँ सीतापति का सदानाथ का मुझ अकींचन पे उपकार हो। जोड़कर कर को करता हूँ विनती प्रभोशांति सुख से भरा सारा संसार हो। आप जैसा दयालु

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स्वरचित, गीत/भजन

स्वरचित, गीत/भजन काम क्रोध लोभ मोह, व्याधियां तमाम हैं।इनसे डर का काम क्या है, साथ में जो राम है।। राजपाठ छोड़ दिया, था पिता के वास्ते,सुख की सेज त्याग चुने, कण्टकीर्ण रास्ते,धैर्य धर्म वीरता का दूसरा ये नाम है।इनसे डर का काम क्या है,,,,,, रिश्तों का स्वरूप क्या हो, ये सिखाया राम ने,न्याय धर्म सत्य

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गीत

गीत** ऐसे हैं श्री राम ..। ऐसे हैं श्री राम ..। मेरे ऐसे हैं श्री राम…। ऊँच नीच का भेद मिटाकर ,सबको गले लगाते हैं।पितु के आज्ञाकारी पुत्तर ,पितु का वचन निभाते हैं।छोड़ छाड़ कर राज-पाट सब,वन में जा बस जाते हैं।ऐसे हैं श्री राम ..।मेरे ऐसे हैं श्री राम…! विश्वामित्र के ख़ातिर रघुवर,राक्षस से

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मुक्तक

मुक्तक जलो, जल सको दीप बनकर वहाँ।अंधेरा हो फैला धरा पर जहाँ।बनो बेसहारों की बैसाखियाँ –जियो ,हो सके राम बनकर यहाँ।   छोड़ फूलों के गलीचे शूल पर चलना पड़ा।दर्द में भी मुस्कुराकर दर्द को छलना पड़ा।था नहीं आसान कहलाना स्वयं को राम यूँ –कष्ट के साँचों में था प्रभु राम को ढलना पड़ा दुल्हन

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प्रभु श्री राम विषयक रचना(गीत)

प्रभु श्री राम विषयक रचना(गीत) स्वागत, वंदन, अभिनंदन————————————हैं निज धाम पधार रहे कौशल्या सुत रघुकुल नंदन ।आओ सब मिल करें राम का स्वागत, वंदन-अभिनंदन ।। पलक पाँवड़े बिछा-बिछा कितने ही वर्षों पथ देखा ।शीघ्र संवरने वाली है हम सबकी किस्मत की रेखा ।।अपने प्रभु को करें समर्पित अक्षत, रोली और चंदन ।आओ सब मिल करें

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जय श्रीराम

जय श्रीराम****राम से बड़ा राम का नाम ।जैसा चाहो वैसा जप लो, भली करेंगे राम ।।०दो अक्षर में शक्ति भरी है , देखो तो अजमाकर ,चाहे लिखकर पढ़कर देखो , चाहे देखो गाकर ,मन बन जायेगा पल भर में, उनका पावन धाम ।राम से बड़ा राम का नाम ।।1०जिसने थामी डोर नाम की, पार गया

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जनक छंद

जनक छंद**** तन, मन, धन, इज़्ज़त, भवन,ये मेरे किस काम का,सब मेरे प्रभु राम का। कैकेयी के पूर्ण अब,होंगे सारे जाप भी,कट जाएँगे पाप भी। कौशल्या के दो नयन,रस्ता देखें राम का,समय निकट परिणाम का। सिया-लखन को साथ ले,लौट रहे श्रीराम हैं,ले हाथों में हाथ ले। पल-पल, रह-रह, बिन थके,बाट जोहती राम की,प्रजा अयोध्या धाम

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राम जाप

प्रतियोगिता दिवस विषय -राम जाप राम नाम जाप से पुण्य कमाए अयोध्या धाम दशरथ अयोध्या राम की बोलो जय सियाराम कर्तव्य पथ साथ चले गुणकारी हितकारी रामबोलो जय सियाराम जनमानस अक्षत साजे ,विश्व विराजत राम बोलो जय सियाराम मानस जनवाणी में ,अमृत रस घोले बोलो जय सियाराम राग द्वेष छल कपट से दूर संबल देती

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सज गई अयोध्या धाम

श्री राम सज गई अयोध्या धामआ रहे रहे है श्री राम,लक्ष्मण,जानकी साथप्रभु अवध पधार रहे,हम सब चरण पखारेंगे। ढोल,मृदंग संगनाचे अयोध्यावासीइस उमंग में सभीशामिल हो जाइए। नयनों के तेल जलेसरयू के घाट तलेखुशियों की बाती डालहम दीपक जलाकरदीपावली मनाएंगे। हर ओर खुशियाली झूमेनर नारी मंगल गाए,आरती की थाल सजेपुष्प की बारिश मेंप्रभु कृपा पाएंगे। रेणु

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