गीत
गीत** ऐसे हैं श्री राम ..। ऐसे हैं श्री राम ..। मेरे ऐसे हैं श्री राम…। ऊँच नीच का भेद मिटाकर ,सबको गले लगाते हैं।पितु के आज्ञाकारी पुत्तर ,पितु का वचन निभाते हैं।छोड़ छाड़ कर राज-पाट सब,वन में जा बस जाते हैं।ऐसे हैं श्री राम ..।मेरे ऐसे हैं श्री राम…! विश्वामित्र के ख़ातिर रघुवर,राक्षस से […]









