सूर्य का प्रकाश, चंद्र सी शीतलता, असीम जैसे आकाश
**प्रभु श्री राम**सूर्य का प्रकाश, चंद्र सी शीतलता, असीम जैसे आकाश,जल सी निर्मलता, वर्ण श्यामल, नयन कमल।चरण चमत्कारी, स्पर्श हितकारी,सर्वशक्तिमान शस्त्रधारी, रूप सहजता जिनकी अनूप।सौम्यता से स्वीकार किया हर कटुता का परिहार,क्षण में वनवासी बने अयोध्या के राजकुमार।विनम्रता से शिथिल किया सागर का अभिमान,साधा असाध्य लहरों को, रचा प्रेम का बांध (सेतु)।जीवन जिनका एक उदाहरण, […]
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