आर्यावर्त के राम
आर्यावर्त के राम मर्यादा के पुंज तुम, सनातन का तुम आधार हो, आर्यावर्त की धरती का, तुम ही दिव्य श्रृंगार हो। सरयू की लहरों में गूँजे, सदा तुम्हारी पावन गाथा है, जिसके चरणों में झुकता, संपूर्ण जगत का माथा है। छोड़ सिंहासन सुख, कंटक पथ जिसने चुन लिया,मर्यादा की रक्षा हेतु, वनवास का संकल्प कर […]









