अयोध्या की छवि निराली है
इस कविता में देखिए कैसे अयोध्या वासियों के साथ-साथ देवता और प्रकृति भी *रामलला के जन्म* की खुशियां मना रहे हैं. इस कविता की विशेषता है कि इसमें हिंदी के सभी वर्ण- स्वर और व्यंजन क्रम से तो आए ही हैं, पांचो वर्ग (कचटतप) भी अलग-अलग, एक दृश्य का वर्णन करते हैं *अ* योध्या की […]
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