विधा – भजन
हमको बना दो सेवक किसी काम के लिए।शबरी बना दो हमको श्री राम के लिए।। तुलसी कभी सूर की आंखों के जाल में,तुलसी कभी सूर की आंखों के जाल में ।करते नहीं भेद हम राघव-गोपाल में,करते नहीं भेद हम राघव-गोपाल में।रख लो प्रभु चरणों में अपनेरख लो प्रभु चरणों में अपने आराम के लिए ।। […]









