हे!राम तुम्हें इस कलियुग में
हे!राम तुम्हें इस कलियुग में हे!राम तुम्हें इस कलियुग में,इक बार पुनःआना होगा ।जो कल्पित तुमको मान रहे,अब उन्हें जताना ही होगा। तुम तो कण-कण में रहते हो,संताप सभी के हरते हो।तुमसा कोई रणधीर नहीं,जग में कोई बलवीर नहीं।बलबीर तुम्हें इस मानव को,अब पाठ पढ़ाना ही होगा। हे !राम तुम्हें इस कलियुग में,इक बार पुनःआना […]
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