Shri Rammandir Kavya

जय श्री राम

राम हमारे राम तुम्हारेहर जीवन के राम सहारे सुख के संगी दुख के संबलहर कोई हर दिन ‘राम’ पुकारे कितना पावन राम का नामजय श्री राम ! जय श्री राम ! राम की रचना राम के रंग रेनीति के सैनिक राम के अंग रेमन को सहारा राम ही देतेराम से ही है दिल को उमंग […]

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श्री राम

दोहे प्रभु राम ने था लिया,त्रेता में अवतारनाम तभी से पा रहा,जगती में विस्तार।। मरा मरा जप ने किया,दूर समस्त अज्ञानडाकू ने भी संत बन,बाँटा जग को ज्ञान।। राम नाम इस पार है,राम नाम उस पार राम नाम रटते रहो,तारक यह मझधार।। खींच प्रत्यंचा धनुष पर ,दी थी जब ललकार सागर चरणों में गिरा, करो

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प्रभु राम

गावत गान मंगल ध्वनि जाकी।मनोरथ शेष कछु नही बाकी।। प्रभु सियाराम पग धर लेंहीं।नयन लाभ सब सादर लेंहीं ।। सकल कुल संग राम सिया ।उर बिराजै मनहु जाकै पिया।। सलिल सलिला बाहै तट सरयू।कथा अनंत निस दिन कहयू ।। सकल विश्व नित क्षण सुनिहौ।मारूति नंदन करे रक्षा कहियौ।। राम संग होही भारत राम राजा ।अयौध्या

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रामायण का सार है

रामायण का सार है,त्याग और अनुराग।युगों-युगों तक नहीं लगे,आदर्शों पर दाग।। राम लला से सीखिये,त्याग और अनुराग।वचन निभाने के लिए,दिया महल को त्याग।। आप बताएं राम सा,कैसे गढ़े चरित्र।ना ही गुरु वशिष्ठ हैं,और न विश्वामित्र।। माँ शबरी को देखकर, भावुक दीनानाथ।जूठे बेरन खा गए,बड़े जतन के साथ।। कुटिल मंथरा ने यहाँ, फेका ऐसा जाल।मात कैकई

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दशरथ नंदन राम

जन-जनके नायक हुए ,दशरथ नंदन राम ।समदर्शी व्यवहार से ,किए कोटि सत काम ।। धन्य-धन्य श्रीराम प्रभु ,धन्य अयोध्या- धाम ।धन्य धरा बहती जहाँ ,सरयू सरि अविराम ।। कोटि सूर्य-सा आभ मुख ,कमल नयन तन श्याम ।लिए मधुर मुस्कान अधर, दशरथ नंदन राम ।। सागर सा संयम लिए ,करुणा नीति निधान ।त्याग समर्पण मूर्ति के

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भूमिपूजन पर श्री राम को समर्पित गीत

राम विराजे सिंहासन पर ,बरसों का तप हुआ फलित,दर दर भटके तुम सदियों तक ,सरयू तट अब है गर्वित, पुत्र कौशल्या आज्ञाकारी , सीता के मनमीत बने ,लक्ष्मण ,भरत के भ्राता प्यारे ,हनुमान की जीत बने,जन्मभूमि अब तेरी धरोहर, रोम – रोम है यह पुलकित..दर दर भटके तुम सदियों तक ,सरयू तट अब है गर्वित,

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राम वन गमन

चौपाई राम नाम होता सुखदायक,जीवन में बन रहा सहायक।जान वचन माता का अब वो,किया गमन फिर वन में जब वो ।। चले वचन वो पूरा करने,दुखियों की सब पीड़ा हरने।जिस कारण अवतार लिया था,काम वही अब पूर्ण किया था।। सिया लखन भी संग चले है,सकल अयोध्या विकल भले है ।रघुकुल नंदन दशरथ प्यारे,राम-राम बस सभी

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उत्सव गीत

श्रीराम लौट कर आए,ख़ुशी अवध में भारी है।घाट सजे हैं सरयु के दीपोत्सव की तैयारी है।। विष्णु के अवतार राम हैं लक्ष्मी माता जानकीशेषनाग अवतार लक्ष्मण और भक्त हनुमान कीअद्भुत रूप छवि मनोहर,झाँकी सुंदर,प्यारी है। कौशल्या केकैई सुमित्रा, माता सब हर्षाईं हैंचौदह बरस बाद आज शुभ घड़ी यह आई हैसजी अयोध्या दुल्हन सी छटा बहुत

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शीर्षक – सीया राम की

खुशियाँ मनाओ सब ,झूमि झूमि गाओ सब,दीपक जलाओ अब ,राम सीता आये हैं । दौरि दौरि जात सब,नगर के वासी अब ,झूमि झूमि नाच रहे,प्रेम ही के बस में । नर नारी चढ़ि रहे ,झाँकि झाँकि देख रहे ,घर के झरोखन सों, छवि कूँ निहारें हैं । भरि भरि लात सब ,पुष्प दल देखो अब

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राम सुमिर मन राम सुमिरन मन

राम सुमिर मन राम सुमिरन मनबन जाए जीवन राम सुमिरन मन।  सारा जग है राम की छाया। राम ही जाने राम की माया ।सब में उसी का नूर समाया। मिट्टी कर दे राम ही कंचन ।राम सुमिर मन राम सुमिर मन।  जब जब भी कोई राम पुकारे ।जा पहुंचे मन राम के द्वारे ।राम ही देते बढ़

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