प्रभु हाथ पकड़ लो
है प्रभु अंतर्मन में अवगुण हमारे, प्रभु हाथ पकड़ लो ले लो तिहारे ।। जग पालनहार क्यों देर किए हो।मेरे हिय पट में तुम आन बसे हो।।पत्थर बने अहिल्या को पल में है तारे।निषाद सुग्रीव विभीषण मित्र हैं सारे।।प्रभु अंतर्मन में अवगुण हमारे, प्रभु हाथ पकड़ लो ले लो तिहारे । मैं मानव हूँ दर्शन […]









