हे राम।।
हे राम ये पूजा बहुत हुई,कानों को सुना टंकार ज़रा।तू तान प्रत्यंचा धनुष चढा,रावण है बढा, ललकार ज़रा। दुनिया सारी सोती जो रही,सीता अब तक रोती जो रही।शस्त्रों से सुसज्जित कदम बढ़ा,जगे दुनिया सुन झंकार ज़रा। हर पाँव क्यूँ ठिठका लगता है,मानव क्यूँ ईश ही तकता है।नहीं डर दानव मन आज रहा,चल दे तो बता […]









