गीत: अधूरी चिट्ठी
*गीत: अधूरी चिट्ठी* शब्द नहीं थे हाथों में,मन ने फिर भी हाल लिखा,लिखी नहीं थी मैंने चिट्ठी,उसमें खुद ही राम लिखा॥शब्द नहीं थे हाथों में,मन ने फिर भी हाल लिखा,लिखी नहीं थी मैंने चिट्ठी,उसमें खुद ही राम लिखा॥ काग़ज़ मौन, कलम रुकी,आँखों ने एक संवाद रचा,दीप जला और लौ भी काँपी,सुबह ने धीमे अर्थ गढ़ा॥जो […]









