Shri Rammandir Kavya

सबके अपने अपने राम

(आल्हा छंद) मुल्ला पंडित सिक्ख मसीहा, नाना पंथ अनेकों नाम। सभी धर्म का मूल एक है, किंतु सभी के अपने राम॥ हर रजकण में राम व्याप्त हैं, राम नाम सुन्दर सुखधाम।सदा विराजें अंतस् तल में, करते हैं मंगल अविराम॥ सृष्टि नियामक रघुपति राघव, पूज्यमान जो हैं हर ग्राम॥निशाचरों को मार गिराये, किये राम भीषण संग्राम॥ […]

सबके अपने अपने राम Read More »

जानकी की करुण व्यथा

जानकी सोचती वाटिका में खड़ी।नाथ तुमको पता क्या कहां मैं खड़ी? ढूंढते ढूंढते थक न जाना प्रभो।राह तकते नयन रात दिन, हर घड़ी।। भूख लगती नहीं, प्यास बुझती नहीं।आज़ अंतस लगे फांस जैसे गड़ी।। साथ रघुनाथ के शूल भी पुष्प हैं।काल लंका बनी है रत्न से जड़ी।। खेल विधना रचाई फंसी मीन सी।कर रही थी

जानकी की करुण व्यथा Read More »

सीता

चुप चाप बैठी थी मैं कोसी के किनारेसीता मैया के द्वारेमन सोचने लगा कुछ कहानियाँ सी बुनने लगा,नन्ही नन्ही सी कलियों को चुनने लगा,डाल को थोड़ा हटाया तो कुछ अद्भुत सा मुझे नज़र आया ,पहुँच गई जैसे अतीत में सीता राम के मधुर प्रीत में !! सीता खेलती होगी सखियों संग पानी के किनारे ,सीता

सीता Read More »

महिमा श्री राम की

महिमा श्री राम की भारत भूमि के कण कण पुलकितपुलकित हमारे प्राणश्री राम के मंदिर- निर्माण से पुलकित पूर्ण जहानमहिमा श्री राम की।जन-जन जय- जय गाये महिमा श्री राम की।। हिंदू आस्था के प्रतीकश्री राम लला मंदिरसबकी पीर पराई हुई आंख से छलके नीरमहिमा श्री राम की। घर-घर दीप जलाएमहिमा श्री राम की।। राम भक्तों

महिमा श्री राम की Read More »

शुभ अवसर है

रामनवमी————- शुभ अवसर है राम – जन्म काआओ मिल – जुल ख़ुशी मनाएँ ,अन्तर्मन के तम को मारें धर्म – सत्य की ध्वजा उठाएं । नवरात्रि में शक्ति – पूजाशीतल , ज्वाला , गौरी ,काली ,चैत्र – मास की इस नवमी कीहोती है शुभ छटा निराली । मर्यादा पुरुषोत्तम के पग परआओ हम सब शीश

शुभ अवसर है Read More »

जब तक यह ब्रह्मांड रहेगा

पुरुषोत्तम श्रीराम !-डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल जब तक यह ब्रह्मांड रहेगा,जब तक सृष्टि तमाम !व्याप्त रहेंगे कण-कण में नित,पुरुषोत्तम श्रीराम !! प्राण जाय पर वचन न जाहीं,रघुकुल रीति निभाई,मर्यादा की राह चले,आज्ञा न कभी ठुकराई,संयम और त्याग का भू पर,बन पर्याय गए वो,आए जीवन में क़ायम करने आदर्श नए वो, ख़ूब बनाए हँस-हँसकर,सारे भक्तों के काम

जब तक यह ब्रह्मांड रहेगा Read More »

वनवासी राम हुए

वनवासी राम हुए ————————चक्रधर शुक्ल संतों,भक्तों के खातिर हीवनवासी राम हुए । अजगव तोड़ा,सीता ब्याहीमिथिला में जयकारा ,मृगमारीच और खरदूषण दुष्टों को संघारा । रावण-हनन किया लंका में गद् दी दी भाई को ,हनुमान वाटिका से लाएहैं सीता माई को । पिता वचन को मान गए वनलखन सिया-संग राम ,जन-जन के प्राणों के प्यारे जगत

वनवासी राम हुए Read More »

जन्म लिए श्रीराम

गीत—–जन्म लिए श्रीराम—–+++++——— डाॅ.स्मिता शिप्रा । जगे भाग्य भारत भूमि के, जन्म लिए श्रीरामपिताश्री राजा दशरथ, माताश्री रानी कौशल्या। चहूं दिश अवधपुरी में, उमंग – उल्लास जगेघर – घर बजै रामा, खुशी की बधईया । अंग प्रदेश के मुनि श्रेष्ठ श्रृंगी ऋषिपुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराये जो अयोध्या। यज्ञ के प्रसाद पावन, पाकर पुलकित जोकौशल्या,कैकई और

जन्म लिए श्रीराम Read More »

राम सा किरदार हो

सनातनी गजल- राम सा किरदार हो राम भजनों में हृदय रसधार होना चाहिए जो सुने रघु नाम वह भव पार होना चाहिए// राम के आदर्श जीवन के अनुगामी बनेंकर श्रवण उर हो मगन उद्धार होना चाहिए// राम सीता का कथानक प्रेम गाथा कह गया दूरियाँ कितनी भले हो प्यार होना चाहिए// है अयोध्या पावनी नगरी

राम सा किरदार हो Read More »

शत -शत नमन

शत -शत नमन ,शत -शत नमन ,प्रणाम तुमको राम है ,आएँगे लछमन ,राम ,सीता सबमें चर्चा आम है, जप तप किए उपवास जो फल भक्तजन को दीजिये,शबरी समझ कर ही ज़रा उपकार मुझपर कीजिए ,श्रद्धा सुमन के बेर हैं जिह्वा प पावन नाम है ।आएँगे ——- अपराधिनी हूँ पापिनी पत्थर बनी कब से पड़ी ,कृपालु

शत -शत नमन Read More »