सबके अपने अपने राम
(आल्हा छंद) मुल्ला पंडित सिक्ख मसीहा, नाना पंथ अनेकों नाम। सभी धर्म का मूल एक है, किंतु सभी के अपने राम॥ हर रजकण में राम व्याप्त हैं, राम नाम सुन्दर सुखधाम।सदा विराजें अंतस् तल में, करते हैं मंगल अविराम॥ सृष्टि नियामक रघुपति राघव, पूज्यमान जो हैं हर ग्राम॥निशाचरों को मार गिराये, किये राम भीषण संग्राम॥ […]
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