सीता
चुप चाप बैठी थी मैं कोसी के किनारेसीता मैया के द्वारेमन सोचने लगा कुछ कहानियाँ सी बुनने लगा,नन्ही नन्ही सी कलियों को चुनने लगा,डाल को थोड़ा हटाया तो कुछ अद्भुत सा मुझे नज़र आया ,पहुँच गई जैसे अतीत में सीता राम के मधुर प्रीत में !! सीता खेलती होगी सखियों संग पानी के किनारे ,सीता […]
