2026-03

अवध में उमड़ा हुआ जन समंदर देख।

अवध में उमड़ा हुआ जन समंदर देख।अलौकिक मंदिर बना वहाँ सुंदर देख। पर मर्यादा पुरुषोत्तम सिर्फ़ वहाँ नहीं हैं,कभी कभी ख़ुद दिल के भी अंदर देख। हर ज़र्रा तीरथ है यहाँ हर कतरा है राम,हर पत्ते में करुणा निधान का मंजर देख। सदियों से विश्व में आगे रहा है ये भारत,यहीं पे पराजित हुआ था […]

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श्री राम

आंख बंद करती हूं तो उन्हें ही समक्ष पाती हूं।रामभक्ति बिन मैं बड़ी असहाय सी हो जाती हूं।मेरे मन मंदिर में उनका ही प्रकाश चमकता है।मेरा सम्पूर्ण जीवन उनके प्रभाव से महकता है। बड़ी हुई हूं मैं उन्हीं की कथाएं सुन सुन कर।जीवन डोर बुनी उन्ही के आदर्श चुन चुन कर।मर्यादित रखू अपने को, कोशिश

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अभिवादन से अंत तक राम व्याप्त हैं

अभिवादन से अंत तक राम व्याप्त हैं,राम नाम से ही हमें राम प्राप्त हैं,राम जो अन्याय की दीवार को तोड़ें,राम मित्रता भी दीन-हीन से जोड़ें,तम में डूबी मानवता के राम नूर हैं,राम जाति-धर्म के बंधन से दूर हैं,ठुकरा दिए राम ने राजाओं के किले,शबरी के बेर खाए और सुग्रीव से मिले।सामाजिक समरसता के राम प्रतीक,भाईचारे

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मेरे राम

कैसा जीवन जिएं मेरे राम ने बताया रामकथा ने हम सब को जीना सिखायाकैसा हो पुत्र कैसा हो भाई जानना चाहो तो मानस पढ़ लो भाई कैसी हो पत्नी पति हो कैसा पत्नी सीता जैसी पति राम जैसा कैसा हो शत्रु कैसा हो मित्र जान लोगे यदि पढ़ोगे राम का चरित्र राम जी के जीवन

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श्री रामचरितमानस विधाता छंद

पुरातन ग्रन्थ ये अपना, हमें जीना सिखाता है। सिया श्रीराम-अमृत नित,हमें पीना सिखाता है।। चले जो दम्भ से तन के,उसी की हार होती है। जहाँ हैं शील मर्यादा ,वहीं जयकार होती है।। रहे आदर्श अंतस में,वही तो राम है बनता । जपे जो राम की माला,उसी का काम भी बनता ।। नहीं आसान है मुख

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हे राम! कहां हो तुम? कलियुग में आ जाओ।

हे राम! कहां हो तुम? कलियुग में आ जाओ।रावण हैं यहां अनगिन, संताप मिटा जाओ। दुखियारी अयोध्या है, दुखियारे जन सारे।खर, दूषण घर घर में, सब मात पिता हारे।सरयू के पानी में किसने लोहू घोला?लाशों से पाट दिया, कर कर छलनी मारे।रोती हैं जो माताएं, कुछ न्याय दिला जाओ।…… हे राम असुरों के रूप में

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हम सब के आदर्श राम

“हम सब के आदर्श राम”भारतीय संस्कृति के आदर्श होत्याग,दया , शौर्य का उत्कर्ष हो किन शब्दों में करूं तुम्हारा वंदनतुम हो अनादि अनंत रघुनंदन।सृष्टि के कण कण में रामजड़ चेतन में व्याप्त राममेरे तन मन जीवन में राम रघुकुल रीति के रक्षक राममंगलकारी लोकरक्षक राम कर्तव्यनिष्ठ वनवासी रामकेवट शबरी जटायु के रामशापित अहिल्या के दयालु

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