अवध में उमड़ा हुआ जन समंदर देख।
अलौकिक मंदिर बना वहाँ सुंदर देख।
पर मर्यादा पुरुषोत्तम सिर्फ़ वहाँ नहीं हैं,
कभी कभी ख़ुद दिल के भी अंदर देख।
हर ज़र्रा तीरथ है यहाँ हर कतरा है राम,
हर पत्ते में करुणा निधान का मंजर देख।
सदियों से विश्व में आगे रहा है ये भारत,
यहीं पे पराजित हुआ था सिकन्दर देख।
सत्य सनातन के आगे हुआ था समर्पित,
कभी लंका का महा राजा दशकंधर देख।
आदित्य गुप्ता
गरियाबंद
छत्तीसगढ़
(सर्वाधिकार सुरक्षित)
