राम आधार हैं राम अंजाम हैं

राम आधार हैं राम अंजाम हैं
और कुछ भी नहीं राम ही राम हैं

भोर में राम हैं शाम में राम हैं
इस हृदय में बसे नाम में राम हैं
राम को छू शिला भी अहिल्या हुई
राम हनुमंत की जिद रहे जादुई
राम पूजा सदा राम ही धाम हैं
और कुछ भी नहीं राम ही राम हैं

कर्म में राम हैं भाग्य में राम हैं
मत समझ सिर्फ वैराग्य में राम हैं
मान कुल का रखे राम तो है वही
राम का अनुसरण मार्ग देता सही
राम नरसिंह हैं राम धनश्याम हैं
और कुछ भी नहीं राम ही राम हैं

राम का हर समर्पण बना अनुगमन
राम के ही नयन में बसे आज मन
प्राण जायें भले पर निभायें वचन
राम की इस प्रथा को सभी का नमन
है सनातन जहाँ राम आयाम हैं
और कुछ भी नहीं राम ही राम हैं

साथ लक्ष्मण सदा साथ हैं जानकी
राम की भक्ति तो बात है शान की
ज्ञान दीपक जला दूर कर आज तम
राम का नाम जप जिन्दगी हो सुगम
राम संयोग हैं राम संग्राम हैं
और कुछ भी नहीं राम ही राम हैं ।

अंजली करण सरधना।।