धरती की गोद में खिली सीता
गीत : धरती की गोद में खिली सीता धरती की गोद में जब हँसी उतर आई,हल की नोक से निकली कन्या मुस्काई।जनक नंदिनी, करुणा की पहली रेखा,मिथिला की माटी ने बेटी को पहचाना।। कंचन-सी काया, कोमल-सा स्वभाव,नेह भरी आँखों में करुणा का अभाव।चिड़ियों से बतियाती, उपवन में खेली,हर कण में बसती थी ममता की सहेली।। […]
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