आया दीपों का त्योहार

आया दीपों का त्योहार
*******************
आया दीपों का त्यौहार।
,मन में खुशियां अपरंपार। ।

जगमग जगमग दीप जलाओ।
, मिट जाए अंधियार
आया दीपों का त्यौहार।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
अवध पुरी में राम पधारे ।
,चौदह वर्ष वनों में गुजारे ।
लक्षमण,हनुमत मीत सखा सब ।
संग खड़े कौशल के द्वारे।।
फूलों की मालाएं लेकर ।
करें सभी सत्कार ।।
आया दीपों का त्यौहार।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
चुन्नू आओ मुन्नू आओ।
,खेल खिलौने खूब सजाओ।।

आतिशबाजी ,और फुलझड़ी। ।
नाच नाच कर खूब छुडाओ ।
रंग बिरंगे झंडी तोरण से सजा खूब गलियार।।
आया दीपों का त्यौहार।
🌹🌹🌹🌹🌹
तीनों माताएं है
हर्षित।
,अवधपुरी में सारे पुलकित ।।
उर्मिल,मांडवी,भी हर्षित।
झूम रही खुशियों से हिलमिल ।
राजा राम के दर्शन पाकर
,नयन गिरे जल धार ।।
आया दीपों का त्यौहार।
🌹🌹🌹🌹🌹
लंका पति रावण को मारा !
,.सब दुष्टों को पार उतारा
लंका को भी खाक बनाया।
,सिघासन विभीषण बिठाया।
खर दूषण को मार गिराया।
,किया उन्हे भव पार ।
आया दीपों का त्यौहार।
मन में खुशियां अपरंपार
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
स्वरचित
रजनी बाला
त्रि नगर दिल्ली ।।
******””””******

।। ।