प्रभु राम के चरणों में प्रस्तुत घनाक्षरी छंद

प्रभु राम के चरणों में प्रस्तुत
घनाक्षरी छंद,,,

प्राणों में हमारे राम,दिल में समाए राम,राम नाम सदा ही
गाते रहिए,
कौशल्या के जाए राम,दशरथ
दुलारे राम,राम को हृदय में बसाते रहिए,
मर्यादा पुरुष राम,कलुष को मेटें राम,भक्ति में सदा ही नहाते रहिए,
हरि का नाम राम,देवत्व का हिसाब राम,राम की कथा नित सुनाते रहिए।।

मीत से मिलाएं राम,बिगड़ी बनाएं राम,राम की कथा नित
गाते रहिए,
कौशल का चिराग राम,सीता का सुहाग राम, हनुमान सा दिल में बसाते रहिए,
पुण्य का प्रताप राम,तुलसी के प्यार राम,नेह भांति शबरी
लुटाते रहिए,
भव भार हरने खातिर,मन शांत करने खातिर, प्रभु अवतार सदा गाते रहिए।।

माटी का हो कोई पात्र,या फिर हो सोने का गिलास,भरी गर मदिरा दुर्गन्ध तो आएगी,
झूठ को सांच चाहे जितना करो तुम,एक बार फिसली तो
वापस नहीं आएगी,
चाहे जितना रहा हो प्रेम,पड़ी गांठ नहीं क्षेम,लाख करो कोशिश जुड़ नहीं पाएगी,
राम से लगाओ नेह,सुखमय करो गेह,कुल व कबीले संग
खुशी सदा आएगी।।

अवधेश कुमार श्रीवास्तव उन्नाव उत्तर प्रदेश