जन्म से लेकर मृत्यु तक जो है,
है वो मेरे राम जी ,
सत्यनिष्ठा की मूरत है जो ,
है वो मेरे राम जी ,
है सिया के प्राण जो,
है वो मेरे राम जी ,
धर्म पालन के लिए
छोड़ा सिया को है
वो मेरे राम जी
खुद भी जिया
वनवास सिया संग,
है वो मेरे राम जी।
मर्यादा परषोत्तम है जो,
है वो मेरे राम जी,
सत्य, न्याय से भरा
जीवन है जिनका,
है वो मेरे राम जी,
लंका पर विजय पाई है जिन्होंने
है वो मेरे राम जी।
प्रेम और दया के सागर हैं जो,
वो मेरे राम जी,
न्यायप्रियता के हैं आगर,
है वो मेरे राम जी ।
साहस और वीरता के हैं वे धनी जो,
नैतिकता के हैं वे ज्ञानी,
है वो मेरे राम जी।
क्षमा और दया के हैं वे भंडार जो,
हैं गुणों का सागर जो
है वो मेरे राम जी,
चरणों में वंदन कर रहे जिनके हम,
है वो मेरे राम जी।
है मेरी पहचान जिनसे ,
है वो मेरे राम जी।
सदा जिनके चरणों में वास हो हमारा,
है वो मेरे राम जी।
Meenu Sharma (Delhi)
