सियाराम ब्याह गीत
चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी ….. चला सखी ब्याह देखि आयी
हर्षित मन पुलकित सुखदायक, द्वारे द्वारे तोरड़ लागा हो
चला सखी ब्याह देखि आयी तनि
चला सखि ब्याह देखि आयी जनकपुरी …..
बहना औ भाभी तेल चढ़ावे, झुकी झुकी मड़वा सजावें हो भइया तनि
हो चला सखी ब्याह देखि आयी हो
चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी …..
हरी हरी दूब ले हो अइला मामा,
हंसी हंसी हल्दी लगावे हो मामी
चला सखी ब्याह देखि आयी हो
चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी …
राम सिया को ब्याह न आए
मंगल कलश जलाएं हो
चला सखी ब्याह देखि आयी तनि चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी …..
देखि देखि सीता मन मुस्काई
भांवर पड़ी रघुराई हो
चला सखी ब्याह देखि आयी हो
चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी ….
वाम अंग सीता जी बैठी,
मांग सिंदूर भर दीन्हो राम जी
चला सखी ब्याह देखि आयी तनि
चला सखी ब्याह देखि आयी
जनकपुरी …..
आशीष देत स्नेह बरसावें
सब देव पुष्प बरसावें हो
चला सखी ब्याह देखि आयी हो
चला सखी ब्याह देखि आयी जनकपुरी…..
स्वरचित ✍️ रजनी कुमारी
लखनऊ,उत्तर प्रदेश
