राम नाम प्रिय है सबको,
है ये जग में सबसे प्यारा नाम।
बिना राम के जग ये सूना,
राम नाम जपु में सुबह और शाम।
त्रेता युग में जन्मे राम,
प्रेम से बोलो जय श्री राम।
कितना सुंदर विह्वल रुप राम का,
मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए ।
कर अंहकारी रावण का वध,
लौट अयोध्या वापस आये।
राम ने चौदह वर्ष वनवास किया ,
वन में शबरी पर उपकार किया।
मेरे राम है कितने उपकारी ,
पत्थर की अहिल्या तारी।
इनका जग में गूंजे नाम,
जय श्री राम जय श्री राम।
