हम सब के आदर्श राम

“हम सब के आदर्श राम”
भारतीय संस्कृति के आदर्श हो
त्याग,दया , शौर्य का उत्कर्ष हो
किन शब्दों में करूं तुम्हारा वंदन
तुम हो अनादि अनंत रघुनंदन।
सृष्टि के कण कण में राम
जड़ चेतन में व्याप्त राम
मेरे तन मन जीवन में राम
रघुकुल रीति के रक्षक राम
मंगलकारी लोकरक्षक राम
कर्तव्यनिष्ठ वनवासी राम
केवट शबरी जटायु के राम
शापित अहिल्या के दयालु राम
मेरे तन मन जीवन में राम।
माताओं के दुलारे राम
पिता के प्राण प्यारे राम
गुरु वशिष्ठ के अभिमान हैं राम
भाइयों के वरदान हैं राम
हनुमान के हृदय में राम
मेरे तन मन जीवन में राम।
मित्रता की मिसाल हैं राम
वैदेही के अनमोल हैं राम
राजधर्म हेतु पत्नी त्यागते राम
स्व नहीं परहित सिखाते राम
तभी तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम
मेरे तन मन जीवन में राम।
रामसेतु के निर्माता राम
समग्र सृष्टि के विधाता राम
त्रेता युग के अधिष्ठाता राम
अनुपम अप्रतिम है राम
जग का परम सत्य है राम
मेरे तन मन जीवन में राम।।
राम होना सहज नहीं है
अभाव में रहना सहज नहीं है
प्राप्त को छोड़ना सहज नहीं है
विकट परिस्थितियों में मुस्काना
मर्यादा के दायरों में चलना
ये सब भी तो सहज नहीं है।
संग्रह में रत हे मानव
तुम राम नहीं हो पाओगे
पर राम नाम लेकर ही
भवसागर तर जाओगे।
भवसागर तर जाओगे।
सृष्टि के कण कण में राम
मेरे तन मन जीवन में राम।।
राम राम जी 🙏