“अयोध्या नगरी में बाजे बधाई”
हुआ विश्व अभिभूत श्रीराम के आने पर अयोध्या में खुशी छाई।
हर एक घर- आंगन में, उमंग भर-भर खुशियां सबके मन लाई।
राजा दशरथ आनन्द मगन हुए, माताएं भी मिल खुशी मनाएं।
सभी लोग वशिभूत हुए मंगल गीत गाए खुशियां घर घर छाई।।
देखो राम के आने से रघुकुल में हर्षोउल्लास सर्वत्र छाया।
दीपक जले घर घर में सबने धूम धाम से उत्सव मनाया।
श्री राम का जन्म हुआ चैत्र माह शुक्ल पक्ष नवमी को।
देखन आए नर-नारी, ऋषि वशिष्ठ गुरुकुल में शिक्षा पाया।
विद्या ज्ञान पाकर घर जब आए विश्वामित्र ऋषि चले आए।
राम लखन को संग ले जाने को राक्षसों का उत्पात मिटाएं।
विश्व अभिभूत, सीता सुकुमारी को ब्याह अयोध्या लाये।
राम संग संग चोरों भाईयों का भी ब्याह एक-साथ रचाए।
राम मात-पिता की आज्ञा शीष धारे वन में चले गए रघुराई।
रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन कभी न जाई।
तभी सूर्य वंश के क्षत्रीय, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहलाए।।
पुष्पा निर्मल
बेतिया नगर निगम
पश्चिम चंपारण
बिहार
