राम का आगमन
“””””””””””””””” अयोध्या नगरी गूंझ उठी
राम के जयकारों से
पुलकित हुई सारी जनता
ढोल ताशे नगारों से
विजय पताका लहराये
भारत के हर प्रांगन में
राम-राज्य की कल्पना
जाग उठी गलियारों में
देवताओं की लीला से
पुनःमन कंवल खिल आया प्रभु की लीला न्यारी
जन जन को हरशाया
अंकित मानस पटल पर
तारे आकाश मे जैसे
धरोहर सदियों की पुनः
प्राप्त हुई संघर्षो से
आने वाले कल की
शुभ संकेत की आस
कलयुग मैं जाग उठा
उज्ज्वल भविष्य आभास
अवतरित होगा फिर से
सतयुग का इतिहास
राम राज्य का पुनः होगा
इस धरती यर वास
धन्य है वह महापुरुष
जिसने दी यह सौगात
विश्व पटल पर अंकित
होगा यह नया इतिहास
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कुसुम धर “शारदा”
