राम को देखकर,अंजनी लाल की दिल की धड़कन,थमी की थमी रह गई।

राम को देखकर,अंजनी लाल की
दिल की धड़कन,थमी की थमी रह गई।
राम ने प्यार से, जब पुकारा उन्हें
धरती सारी रुकी की रुकी रह गई।”
🌹अंतर्यामी श्री राम की लीला:
जानकी का पता अब लाएगा कौन
चिंता रघुवर के मन में सताने लगी।
राम के संग लक्ष्मण बैठे थे मौन
पूरी सेना ठगी की ठगी रह गई।।
राम को देखकर…
🌹अशोक वाटिका में हनुमान जी:
मुद्रिका राम की, देख हनुमत के संग
सीता के मन में आशाएं जगने लगी।
नेत्र से अश्रु झर झर बहने लगे
भक्ति दीप जली की जली रह गई।।
राम को देखकर…
🌹माता सीता का संदेश:
नाथ बिन आपके, प्राण रहेंगे नहीं
सिया की सुध भगवन, क्यूं लेते नहीं?
सुन हनुमंत से, व्यथा जानकी,
कंठ वाणी रुकी की रुकी रह गई।।
राम को देखकर…
🌹भक्त और ईश्वर एक दूसरे के पर्याय हैं:
बोले रघुवर कपि, तुम सम नहीं
ऋण तेरा चुका ना पाऊं कभी।
कहते ही प्रभु, भर लिए अंक में
प्रेमधारा, बही की बही रह गई।।
राम को देखकर…
अपर्णा गर्ग ‘शिव’