कैसा जीवन जिएं मेरे राम ने बताया रामकथा ने हम सब को जीना सिखाया
कैसा हो पुत्र कैसा हो भाई जानना चाहो तो मानस पढ़ लो भाई
कैसी हो पत्नी पति हो कैसा पत्नी सीता जैसी पति राम जैसा
कैसा हो शत्रु कैसा हो मित्र जान लोगे यदि पढ़ोगे राम का चरित्र
राम जी के जीवन से मिलती है शिक्षा सीख लो जल्दी से कैसी प्रतीक्षा
लेखक
सुरिन्दर गिरधर
ई – 4/11, अपर ग्राउंड फ्लोर
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