भगवान राम

भक्ति और भावना की, लहर चल रही है ।
सारी दुनिया आज, “जय श्री राम” कह रही है।।

भोगा बरसों का बनवास, कष्ट अपार सहे।
सबके आराध्यदेव, प्रभु तंबू में रहे।
अवधपति श्री राम, घर-घर में बसे हैं।
नव -मंदिर में बिराजे ,सारे भवन सजे हैं।
दशरथ- नंदन, रामलला, लक्ष्मण के प्यारे।
मर्यादा पुरुषोत्तम, कौशल्या -दुलारे।
आस्था और प्रेम की,सरयू बह रही है।
भक्ति और भावना की, लहर चल रही है।।

वैदिक संस्कृति के,हैं एक ही सितारे।
नयनाभिराम छवि, जनजन निहारे।
यश- वैभव, कीर्ति,को गाता है संसार।
नाम जप लेने से, आती खुशियाँ अपार।
ध्वज और मंडप, चहुंओर सजे हैं ।
“जय श्री राम” के,मधुर-गान बजे हैं ।
“राम आयेंगे -आयेंगे “, की धुन बज रही है।
उमड़ाता सैलाब, धर्म -बयार बह रही है।
सारी दुनिया आज, जय “श्री राम” कह रही है।।
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ओम ‘ उज्ज्वल ‘
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