दीप जलाओ रे

दीप जलाओ रे
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अयोध्या लोट आए श्रीराम, दिवाली मनाओ रे।
दीप जलाओ दीप जलाओ, सब दीप जलाओ रे।।
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तीनों माताएं खुश हैं , हर्षित है देखो भाई।
लौटी महल में खुशियां, दे रहे देखो बधाई।।
गांव 2 नगर डगर , उत्सव है मंगल गाओ रे…..
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हर्षित भरत पांव पड़े, आंख में आंसू भर आए।
मेरे कारण प्रभु आपने, चौदह वर्ष वन बिताए।।
धन्य धन्य है आप भाई,अपना राज्य पुनः पाओ रे……
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हर्षित मंत्री सेवक प्रजा, झूम रहे सब नर नारी।
राम दर्श के आतुर नैना, चमके छवि देख प्यारी।।
दे रहे बधाई सब, लो मीठाई अब खाओ रे….
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ढोल नगाड़े बज उठे, गूंज गया ब्रह्मांड सारा।
पुष्प वर्षा करें देवगन, मनहर अद्भुत यह नजारा।।
हर आंगन बनी रंगोली, मनहर दीप जलाओ रे…..
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गीतकार मनोहर मधुक