राम-राजअब लाना होगा

“राम-राजअब लाना होगा” ‌ *****************
प्राण-प्रतिष्ठा हो गई अवध में
प्रकाश नवल फैलाना होगा।
राम – राज्य को पुनर्जन्म दे,
जग को स्वर्ग बनाना होगा।।
राम-राज अब लाना होगा ।।
* * *
अधर्म फैल रहा जो निशदिन,
जड़ से उसे मिटाना होगा।
डगमग-डगमग नाव धर्म की,
मिलकर पार लगाना होगा।
राम राज अब————-!
* * *
पाप पनपते रात अंधेरी,
राह में दीप जलाना होगा।
कुछ मतिभ्रम भूलेभटकों को
सतपथ भी दिखलाना होगा।
राम राज अब————-!
* * *
जीवन- मूल्य टूट रहे जो,
भरसक उन्हें बचाना होगा।
मरुथल बने पड़े हृदयों में,
स्नेह- सिन्धु लहराना होगा।
राम-राज अब ————–!

* * *
केवट,शबरीऔरअहिल्या
सबको गले लगाना होगा।
सुग्रीव -बाली – हनुमान सी
जन-जाति कोजगानाहोगा।
राम राज अब————-!

* * *
थाम सनातन धर्म ध्वजा को
सिन्धु-पार भी जाना होगा।
संस्कृतियों को जोड़ने वाला
राम- सेतु बनवाना होगा।
रामराज अब —————!
* * *
भावुक भोली सीताकोअब
कभी नहीं पछताना होगा।
और किसी रावण का दर पर
नहीं भूले से भी आना होगा।
रामराज अब————-।
* * *
धूमिल- धूमिल सी राहों में
प्रकाश नवल फैलाना होगा।
हे सूर्य-वंशी सत्य- सार्थक,
तभी तुम्हारा आना होगा ।
राम राज अब———–।।

* * *
प्राण-प्रतिष्ठा हुई है शुभकर
राम – धुनों का गाना होगा।
हेराम,तुम्हारा जीवन ही ,
इस नव- युग का पैमाना होगा ।।
रामराज अब लाना होगा।।।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
राम कंवर,
9013061760