ग़ज़ल 🌹
चलो त्योहार मिलकर रामनवमी का मनाते हैं
जगत ख़ुशहाल होगा आस भगवन से लगाते हैं
नज़र आने लगे रावन ही रावन आज धरती पर
चलो मिलकर सभी हम राम को वापस बुलाते हैं
करे ये रूह पावन आज हम अच्छे विचारों से
चलो अभियान अब तो राम होने का चलाते हैं
धरा पर फिर से सतयुग हम भी लौटा कर ही मानेंगे
चलो संकल्प लें विश्वास इक मन में जगाते हैं
भले कितनी ही मुश्किल आए, सच की राह पर चलना
सबक यह राम ख़ुद अपने ही कर्मों से सिखाते हैं
हमेशा बात यह इक ध्यान रखना तुम जहां वालों
उन्हें जो याद करते, ख़ूद को वो मज़बूत पाते हैं।
राज बाला ‘राज’ कवयित्री/शायरा
हिसार-125049 (हरियाणा)
