⚜ प्रभु श्रीराम स्तुति ⚜
(श्रीराम के प्राकट्य पर विशेष)
श्रीराम मनु आदर्श जग के और कौशल रावरे।
चैत्र की नवमी सुदी अभिजीत जन्मे सांवरे।।
दुक्ख दारुण का हरण कर विश्व के कल्याण हित।
स्वास में भरते रहे प्रभु नेह के अनुप्राण नित।।
कर्म के पुनि धर्म के पुनि नीति के आदर्श हो।
प्रीत की अभिजीत के तुम सत्य से उत्कर्ष हो।।
राग के अनुराग के तुम त्याग की प्रतिमूर्ति हो।
नेह की पुनि स्नेह की पुनि भाव की स्फूर्ति हो।।
जर जरा के तुम धरा के जीव तारणहार हो।
तुम जगत के ही नहीं त्रैलोक के करतार हो।।
पुण्य पावन प्रीत पूजित पथ प्रणय पावन परम।
सत्य सी सुचि साधना सम स्नेह सम सत्यार्थतम।।
मुक्त हैं उन्मुक्त हैं पुनि मुग्ध हैं सब बावरे।
चैत्र की नवमी सुदी अभिजीत जन्में सांवरे।।
जय जय श्रीराम 🙏🙏
सर्वाधिकार सुरक्षित
🌹 ओम अग्रवाल (बबुआ), मुम्ब
