जिसको प्रिय श्री राम हैं
मात्रा भार 13/11/13
जिसको प्रिय श्री राम हैं,वहीं भक्त हनुमान,जिसको प्रिय श्री राम हैं।
राम चरित मानस पढ़े,निर्मल बने महान,जिसको प्रिय प्रभु राम हैं।।
राम विश्व आदर्श हैं,हो उनका नित पाठ,राम विश्व आदर्श हैं।
रामायण में राम जी,हो उनसे हर बात,राम श्रेष्ठ आकर्ष हैं।।
कहते प्रभु श्री राम हैं,करना नहीं अनर्थ,कहते प्रभु श्री राम हैं।
मन में रखना त्याग नित,जग की माया जान,कहते ईश्वर राम हैं।।
धर्म स्थापना के लिए,करो अनवरत काम,धर्म स्थापना के लिए।
विचलित होना मत कभी,बढ़ो न्याय की ओर,असुरों के वध के लिए।।
साहित्यकार डॉ0 रामबली मिश्र वाराणसी।
